Oct 15, 2018
52 Views
Comments Off on क्यों किया जाता है नवरात्र पूजन?

क्यों किया जाता है नवरात्र पूजन?

Written by

असुरों के नाश का पर्व नवरात्रि, नवरात्र मनाने के पीछे बहुत-सी रोचक कथाएं प्रचलित हैं। कहा जाता है कि दैत्य गुरु शुक्राचार्य के कहने पर दैत्यों ने घोर तपस्या कर ब्रह्माजी को प्रसन्न किया और वर मांगा कि उन्हें कोई पुरुष, जानवर और उनके शस्त्र न मार सकें। वरदान मिलते ही असुर अत्याचार करने लगे, तब देवताओं की रक्षा के लिए ब्रह्माजी ने वरदान का भेद बताते हुए बताया कि असुरों का नाश अब कोई स्त्री ही कर सकती है।

ब्रह्माजी के निर्देश पर देवों ने नौ दिनों तक माँ पार्वती को अराधना की और उन्हे प्रसन्न किया और उनसे असुरों के संहार करने का वचन लिया। असुरों के संहार के लिए देवी ने रौद्र रूप धारण किया था इसीलिए शारदीय नवरात्र शक्ति-पर्व के रूप में मनाया जाता है।

चैत्र शुक्ल की प्रतिपदा से नौ दिनों तक देवी के आह्वान पर असुरों के संहार के लिए माता पार्वती ने अपने अंश से नौ रूप उत्पन्न लिए। सभी देवताओं ने उन्हें अपने शस्त्र देकर शक्ति संपन्न किया। इसके बाद देवी माँ ने असुरों का अंत किया। यह संपूर्ण घटनाक्रम चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से नौ दिनों तक घटित हुआ इसलिए चैत्र शुक्ल के दिन नवरात्र के रूप में मनाए जाते हैं।

Shubh Navratri

पाठकों की सुविधा, समयाभाव एवं कालगत दोषों को दृष्टिगत रखते हुए आगामी नवरा‍त्र में स्मरण में जप के लिए कुछ सरल मंत्र दे रहे हैं। विश्वास एवं निष्ठा के साथ इन्हीं मंत्रों से पूजा-प्रार्थना करने से भक्तों पर देवी माँ न केवल प्रसन्न होती है, वरन् उसकी दुर्लभ से दुर्लभ मनोकामना भी पूरी करती है।

सब प्रकार के कल्याण के लिए

सर्वमंगल मांगल्ये शिवे सर्वार्थ साधिके शरण्ये त्र्यंबके गौरी नारायणी नमोस्तुते।

आरोग्य और सौभाग्य के लिए-

देहि सौभाग्यंमारोग्यं देहिमे परमं सुखं रूपं देहि जयं देहि यशो देहि द्विषो जहि।

 

Article Categories:
Festive